राजनीति में राजनेताओं की इतनी प्रतिष्ठा क्यों है।। लेखक पवन कुमार स्वामी,

तुम पूछते हो कि राजनीति में राजनेताओं कितनी प्रतिष्ठा क्यों है। इसका मूल कारण - हमारे कारण- हमारे कारण ही राजनीति में राजनेताओं की प्रतिष्ठा है। क्योंकि हमारे मन में हमारी कोई प्रतिष्ठा नहीं है, हमारे मन में हमारे प्रति कोई सम्मान भी नहीं है, इसलिए तुम दो कौड़ी के नेताओं को मान और सम्मान देते फिरते हो, क्योंकि हमारे मन में हमारे कोई आत्मगौरव नहीं है, इसलिए तुम नेताओं के सामने झुकते हो, इसलिए तुम नेताओं के कुर्सियों आगे झुकते हो, नेताओं का सम्मान देना बंद कर दीजिए। नेताओं को हमारी जरूरत होनी चाहिए लेकिन तुम उनके आगे जाकर झुक रहे हो, तुम अपने आप को ही आत्मठेस अपनी अंतरात्मा को दे रहे हो। 'किसा कुर्सी का' तुम्हारा है। तुमने जहां कुर्सी देखी वहां सष्टांग दंडवत लगा देते हो। फिर तुम देर नहीं करते। हम लोग दीन है। हम लोग दया योग्य है इसलिए राजनीति में इतनी प्रतिष्ठा है। मेरा तो यही कहना है कि इन दो कोड़ी नेताओं का सम्मान देना बंद करो। यह नेता हमारा प्रत्येक रोज शोषण करना चाहते हैं इनके शोषण से हमारा बचाव करना चाहिए , इन दौकोड़ी नेताओं सम्मान देना बंद कर देना चाहिए, इनको हमारी जरूरत होनी चाहिए लेकिन तुम इन नेताओं के चिपक रहे हो, क्योंकि तुम उनके शोषण के लिए बने हो और यह हमारा शोषण करना चाहते हैं। और तुम शोषण कराने के लिए जबरदस्त आतुर हो। अपनी आत्मा में डुबकी लगाओ और इन नेताओं के बारे में विचार करो। यह समाज और हमारा कितना शोषण कर रहे हैं। मेरा तो यही कहना है कि इनको सम्मान देना एकदम बंद कर देना चाहिए क्योंकि यह नेता सम्मान के योग्य ही नहीं है। यह नेता बड़े मीठे मीठे बोलते हैं और इसी मिठास में ही हमारा शोषण छिपा है. लेखक पवन कुमार स्वामी।

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